🥟 Khasta Kachori Recipe in Hindi | घर पर परफेक्ट खस्ता कचौरी बनाने की विधि
खस्ता कचौरी रेसिपी भारतीय खाने की दुनिया में एक बेहद लोकप्रिय और पारंपरिक व्यंजन है। यह खासकर उत्तर भारत में बहुत पसंद की जाती है…
नमस्कार दोस्तों, खाना खिलाना रेसिपी ब्लॉग में हम आपका स्वागत करते हैं आज हम आपको रंगों के त्यौहार होली के अवसर पर बनाए जाने वाले एक खास व्यंजन के बारे में बताएंगे।
खस्ता कचौरी (Khasta Kachori) भारतीय स्नैक्स , जिसे पीढ़ियों से घरों में बनाया जाता रहा है। यह खासतौर पर उत्तर भारत में नाश्ते, खास मौकों और त्योहारों पर बड़े चाव से परोसी जाती है।
बाहर से सुनहरी, कुरकुरी और परतदार तथा अंदर से मसालेदार दाल की सुगंधित स्टफिंग से भरी यह कचौरी हर उम्र के लोगों को पसंद आती है। गरमा-गरम खस्ता कचौरी जब आलू की सब्जी, हरी चटनी या मीठी इमली की चटनी के साथ परोसी जाती है, तो उसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।
यह डिश खासतौर पर होली जैसे त्योहारों पर बनाई जाती है। होली के अवसर पर जब घर में मेहमान आते हैं, तो गुजिया, दही भल्ले और अन्य पकवानों के साथ खस्ता कचौरी भी विशेष रूप से तैयार की जाती है। त्योहारों की रौनक और रंगों के बीच गरमा-गरम कचौरी का आनंद लेना एक अलग ही खुशी देता है।
अगर आप भी घर पर बिल्कुल हलवाई जैसी खस्ता, फूली हुई और परतदार कचौरी बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। इस लेख में हम आपको आसान और समझने योग्य तरीके से स्टेप बाय स्टेप विधि, सही मात्रा में सामग्री, जरूरी टिप्स, सामान्य गलतियों से बचने के उपाय, न्यूट्रिशन जानकारी और अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब विस्तार से बताएंगे। ताकि आपकी खस्ता कचौरी पहली ही कोशिश में परफेक्ट बने और सभी आपकी तारीफ करें।
तो आइए, इस स्वाद और परंपरा से जुड़ी खास खस्ता कचौरी रेसिपी की शुरुआत करें और अपने अपनी रसोई में त्योहार जैसा माहौल बनाएं! 😋🥟
⏱️ तैयारी की जानकारी
🕒 Preparation Time: 20 मिनट
🔥 Cooking Time: 25 मिनट
⏳ Total Time: 45 मिनट
🍽️ Serves: 4–5 लोग
🌍 Cuisine: भारतीय (North Indian)
खस्ता कचौरी रेसिपी
Equipment
- 1 कड़ाही (Kadhai)
- 1 बेलन (Rolling Pin)
- 1 बड़ा बर्तन (Mixing Bowl)
- 1 छेद वाला चमचा (Slotted Spoon)
Ingredients
कचौरी का आटा
- 2 कप मैदा
- 4 बड़े चम्मच तेल या घी मोयन के लिए
- ½ छोटी चम्मच नमक स्वादानुसार
- पानी आटा गूंथने के लिए
स्टफिंग के लिए
- ½ कप धुली मूंग दाल भिगोकर दरदरी पीसी हुई
- ½ छोटी चम्मच जीरा
- ½ छोटी चम्मच सौंफ
- ½ छोटी चम्मच धनिया पाउडर
- ½ छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
- ½ छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- ½ छोटी चम्मच अमचूर पाउडर
- ½ छोटी चम्मच नमक स्वादानुसार
- 700 ग्राम तेल तलने के लिए
Instructions
आटा तैयार करने की विधि
- एक बड़े बर्तन में मैदा, नमक और तेल डालकर अच्छी तरह मिला लें।
- हाथों से मसलकर मोयन मिलाएं जब तक मिश्रण भुरभुरा न हो जाए।
- अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंध लें।
- आटे को ढककर 15 मिनट के लिए रख दें।
स्टफिंग बनाने की विधि
- कड़ाही में तेल गरम करें और उसमें जीरा व सौंफ डालें।
- जब मसाले चटकने लगें तो दरदरी पिसी मूंग दाल डालें।
- धीमी आंच पर 5–7 मिनट भूनें।
- अब धनिया पाउडर, लाल मिर्च, गरम मसाला और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
- मिश्रण सूखा और खुशबूदार हो जाए तो गैस बंद कर दें।
खस्ता कचौरी तलने की विधि
- आटे की छोटी-छोटी लोई बना लें।
- लोई को हल्का बेलकर उसमें 1–2 चम्मच स्टफिंग भरें।
- किनारों को बंद करके हल्का दबाएं
- कड़ाही में मध्यम आंच पर तेल गरम करें
- धीमी आंच पर कचौरी को सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
- गरमा-गरम खस्ता कचौरी चटनी के साथ परोसें।
Notes
• कचौरी को हमेशा धीमी आंच पर तलें, तभी वह अच्छी तरह से खस्ता बनेगी।
• आटा ज्यादा सख्त या ज्यादा नरम न रखें, वरना कचौरी फूलेंगी नहीं।
• स्टफिंग को पूरी तरह ठंडा करके ही भरें।
• तेल मध्यम गरम होना चाहिए, बहुत ज्यादा गरम तेल में कचौरी अंदर से कच्ची रह सकती है।
• कचौरी को हल्का दबाकर तलें ताकि वह समान रूप से पक जाए।

📝 खस्ता कचौरी आवश्यक सामग्री (Ingredients)
➤ कचौरी के आटे के लिए:
- 2 कप मैदा
- 4 बड़े चम्मच मोयन के लिए तेल या घी
- ½ चम्मच नमक
- पानी (आटा गूंथने के लिए)
➤ स्टफिंग के लिए:
- ½ कप धुली मूंग दाल (2 घंटे भिगोकर दरदरी पीसी हुई)
- 1 चम्मच जीरा
- 1 चम्मच सौंफ
- 1 चम्मच धनिया पाउडर
- ½ चम्मच हल्दी
- 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- ½ चम्मच गरम मसाला
- नमक स्वादानुसार
- 700 ग्राम तेल तलने
👩🍳 स्टेप बाय स्टेप खस्ता कचौरी बनाने की विधि
➤ Step 1: आटा तैयार करें
सबसे पहले एक बड़े और गहरे बर्तन में लोहे की छलनी से मैदा छानकर लें, ताकि उसमें मौजूद गुठलियां या अशुद्धियाँ निकल जाएं और आटा हल्का तथा मुलायम बने। अब इसमें स्वादानुसार नमक और मोयन के लिए तेल या घी डालें। मोयन खस्ता कचौरी की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
क्योंकि यही कचौरी को परतदार और कुरकुरा बनाता है। तेल को मैदा में डालने के बाद दोनों हाथों से अच्छी तरह मिलाएं और हथेलियों के बीच रगड़ते हुए मैदा को भुरभुरा करें। जब आप मैदा को मुट्ठी में दबाएं और वह हल्का-सा बंधने लगे, तो समझ लें कि मोयन की मात्रा सही है।
अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटा गूंथना शुरू करें। ध्यान रखें कि पानी एक साथ न डालें, बल्कि धीरे-धीरे मिलाएं ताकि आटा ज्यादा नरम न हो जाए। कचौरी के लिए आटा न ज्यादा सख्त होना चाहिए और न ही बहुत मुलायम, बल्कि मध्यम सख्त और स्मूद होना चाहिए।
जब आटा अच्छी तरह गूंथ जाए और उसकी सतह चिकनी दिखने लगे, तब उसे गीले कपड़े या ढक्कन से ढककर कम से कम 15–20 मिनट के लिए रख दें। इससे ग्लूटेन सेट हो जाता है और कचौरी बेलते समय वह आसानी से आकार लेती है।
➤ Step 2: स्टफिंग तैयार करें
अब एक गहरी कढ़ाई को मध्यम आंच पर रखें और उसमें 2–3 बड़े चम्मच तेल गरम करें। जब तेल हल्का गरम हो जाए (धुआं न उठे), तब उसमें जीरा और सौंफ डालें। जैसे ही जीरा चटकने लगे और सौंफ से हल्की सुगंध आने लगे, समझ लें कि मसाले सही तरह से भुन रहे हैं। यह स्टफिंग में गहरा और पारंपरिक स्वाद जोड़ते हैं।
अब इसमें पहले से भिगोकर दरदरी पिसी हुई मूंग दाल डालें। दाल डालते ही आंच को हल्का कर दें और लगातार चलाते हुए भूनना शुरू करें ताकि दाल कढ़ाई में चिपके नहीं। इसके बाद हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक डालें। सभी मसालों को दाल के साथ अच्छी तरह मिलाएं, ताकि हर दाने में मसाले का स्वाद समा जाए।
इस मिश्रण को धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक दाल का मिश्रण पूरी तरह सूखा, हल्का भुरभुरा और खुशबूदार न हो जाए। ध्यान रखें कि स्टफिंग में नमी बिल्कुल न रहे, वरना कचौरी तलते समय फट सकती है। जब मिश्रण अच्छी तरह भुन जाए और मसालों की सुगंध आने लगे, तब गैस बंद कर दें और स्टफिंग को पूरी तरह ठंडा होने के लिए अलग रख दें। ठंडी स्टफिंग भरने में आसान होती है और कचौरी का आकार भी सही बनता है।

➤ Step 3: कचौरी बनाएं
जब आटा अच्छी तरह सेट हो जाए, तब उसे एक बार हल्का-सा मसलकर स्मूद कर लें। अब आटे की बराबर आकार की छोटी-छोटी लोइयां बना लें, ताकि सभी कचौरियां एक जैसी बनें और तलते समय समान रूप से पकें। हर लोई को हथेली के बीच गोल आकार दें और फिर उसे बेलन की सहायता से हल्का-सा छोटा पूड़ी जैसा बेल लें। ध्यान रखें कि इसे बहुत पतला न बेलें, वरना स्टफिंग भरते समय फट सकती है।
अब बेले हुए आटे के बीच में लगभग 1 चम्मच तैयार और ठंडी स्टफिंग रखें। स्टफिंग न ज्यादा कम हो और न बहुत अधिक, क्योंकि सही मात्रा से ही कचौरी का स्वाद संतुलित रहता है। इसके बाद आटे के किनारों को सावधानी से उठाकर बीच में इकट्ठा करें और अच्छे से चिपकाते हुए पूरी तरह बंद कर दें, ताकि तलते समय स्टफिंग बाहर न निकले।
अब भरी हुई लोई को हल्के हाथों से दबाकर गोल और थोड़ा चपटा आकार दें। ध्यान रखें कि ज्यादा दबाव न डालें, वरना कचौरी फट सकती है। इस तरह सभी लोइयां तैयार कर लें और एक सूखे कपड़े से ढककर रखें, ताकि वे सूखें नहीं।
➤ Step 4: डीप फ्राई करें
अब एक गहरी और भारी तले वाली कढ़ाई में पर्याप्त मात्रा में तेल डालें, ताकि कचौरियां आराम से डूबकर तल सकें। तेल को मध्यम आंच पर गरम करें। तेल ज्यादा तेज गरम नहीं होना चाहिए, क्योंकि बहुत गरम तेल में कचौरी ऊपर से तुरंत लाल हो जाएगी लेकिन अंदर से कच्ची रह सकती है। तेल की जांच के लिए आटे का एक छोटा सा टुकड़ा डालें—अगर वह धीरे-धीरे ऊपर आए, तो तेल सही तापमान पर है।
अब तैयार कचौरियों को धीरे-धीरे तेल में डालें। शुरुआत में आंच को धीमा कर दें और कचौरियों को धैर्य के साथ तलें। कचौरी को बीच-बीच में हल्के से पलटते रहें, ताकि वह चारों तरफ से समान रूप से सुनहरी और कुरकुरी बने। धीमी आंच पर तलने से कचौरी अच्छी तरह फूलती है और उसमें सुंदर परतें बनती हैं, जिससे उसका टेक्सचर खस्ता बनता है।
जब कचौरियां सुनहरे भूरे रंग की और पूरी तरह कुरकुरी दिखने लगें, तब उन्हें तेल से निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। इसी तरह सभी कचौरियां तल लें और गरमा-गरम सर्व करें।

💡 5 जरूरी टिप्स & नोट्स
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. खस्ता कचौरी नरम क्यों हो जाती है?
खस्ता कचौरी नरम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। अगर आटा बहुत ज्यादा सॉफ्ट गूंथा गया है, तो कचौरी तलते समय सही तरह से परतदार नहीं बनती। इसके अलावा अगर तेल बहुत तेज गरम हो, तो कचौरी बाहर से जल्दी ब्राउन हो जाती है लेकिन अंदर से ठीक से पक नहीं पाती, जिससे ठंडी होने पर नरम हो जाती है। सही खस्ता टेक्सचर के लिए मध्यम सख्त आटा और धीमी आंच पर तलना बेहद जरूरी है।
2. क्या हम इसे पहले से बनाकर रख सकते हैं?
हाँ, खस्ता कचौरी को पहले से बनाकर रखा जा सकता है। जब कचौरियां पूरी तरह ठंडी हो जाएं, तो उन्हें एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें। सामान्य तापमान पर ये 1–2 दिन तक कुरकुरी रह सकती हैं। अगर मौसम नम है तो हल्का दोबारा गर्म करके परोसें, इससे फिर से कुरकुरापन आ जाएगा।

3. कौन सी दाल सबसे अच्छी है?
खस्ता कचौरी की स्टफिंग के लिए धुली मूंग दाल सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। यह हल्की, आसानी से पचने वाली और स्वाद में संतुलित होती है। मूंग दाल भूनने के बाद अच्छी तरह सूख जाती है, जिससे स्टफिंग भुरभुरी बनती है। कुछ लोग उड़द दाल का भी उपयोग करते हैं, लेकिन पारंपरिक स्वाद के लिए मूंग दाल बेहतर मानी जाती है।
4. क्या इसे बेक कर सकते हैं?
जी हाँ, अगर आप कम तेल वाला विकल्प चाहते हैं तो कचौरी को बेक भी कर सकते हैं। ओवन को 180°C पर पहले से प्रीहीट करें और कचौरियों पर हल्का तेल या घी ब्रश करके 20–25 मिनट तक बेक करें। बीच में एक बार पलट दें ताकि दोनों तरफ से समान रूप से सुनहरी हो जाएं। हालांकि बेक की हुई कचौरी का टेक्सचर डीप फ्राई जितना खस्ता नहीं होता, लेकिन यह हेल्दी विकल्प है।
5. कचौरी फट क्यों जाती है?
कचौरी फटने का मुख्य कारण स्टफिंग का ज्यादा भरना या उसे ठीक से सील न करना होता है। अगर स्टफिंग में नमी रह जाए, तो तलते समय भाप बनने से कचौरी फट सकती है। इसलिए हमेशा सूखी और ठंडी स्टफिंग भरें और किनारों को अच्छी तरह बंद करें। हल्के हाथ से आकार देना भी जरूरी है।
6. परफेक्ट खस्ता कैसे बनाएं?
परफेक्ट खस्ता कचौरी बनाने का राज है — सही मात्रा में मोयन, मध्यम सख्त आटा, सूखी स्टफिंग और धीमी आंच पर धैर्य के साथ तलना। जल्दबाजी में तेज आंच पर तलने से परतें सही नहीं बनतीं। अगर आप इन चार बातों का ध्यान रखेंगे, तो आपकी कचौरी बिल्कुल हलवाई जैसी खस्ता और स्वादिष्ट बनेगी।
🥗 न्यूट्रिशन वैल्यू (Approx per piece)
- कैलोरी: 180–220 kcal
- कार्बोहाइड्रेट: 22g
- प्रोटीन: 5g
- फैट: 9g

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📌 निष्कर्ष
अब आप विस्तार से जान चुके हैं कि घर पर परफेक्ट खस्ता कचौरी कैसे बनाई जाती है। अगर आप आटा गूंथने से लेकर स्टफिंग तैयार करने और धीमी आंच पर तलने तक सभी स्टेप्स को ध्यान से फॉलो करेंगे, तो आपकी कचौरी बिल्कुल हलवाई जैसी सुनहरी, परतदार और कुरकुरी बनेगी। सही मात्रा में मोयन, सूखी स्टफिंग और धैर्य के साथ तलना — यही इसकी सफलता का असली मंत्र है।
गरमा-गरम खस्ता कचौरी को मसालेदार आलू की सब्जी, हरी चटनी या मीठी इमली की चटनी के साथ परोसें, और चाहें तो ऊपर से थोड़ा चाट मसाला छिड़ककर स्वाद को और बढ़ाएं। यह रेसिपी न सिर्फ रोज़ के नाश्ते के लिए बेहतरीन है, बल्कि होली जैसे खास त्योहारों और मेहमानों की दावत के लिए भी एक परफेक्ट विकल्प है।
तो देर किस बात की? आज ही अपने किचन में यह स्वादिष्ट खस्ता कचौरी बनाएं और परिवार के साथ इसके लाजवाब स्वाद का आनंद लें। 😊🥟

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नमस्ते, मैं राजीव शर्मा हूँ। हम आपको Khana Khilana Recipe ब्लॉग पर आसान, झटपट और स्वादिष्ट रेसिपी सिखाते हैं। यहाँ आपको घर पर बनने वाली रोजमर्रा की रेसिपीज़, खास मौके की डिशेज़ और किचन टिप्स मिलती हैं, ताकि आपका कुकिंग अनुभव और भी आसान और मज़ेदार हो सके।


